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अप्रैल, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

RAVISH KUMAR [SON OF BIHAR]

  रवीश कुमार  परिचय: रवीश कुमार भारत के प्रसिद्ध और सम्मानित पत्रकारों में से एक हैं। वे अपनी साधारण भाषा, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। रवीश एनडीटीवी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक रह चुके हैं और उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका शो "प्राइम टाइम" है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: रवीश कुमार का जन्म 5 दिसंबर 1974 को मोतिहारी, बिहार में हुआ था। वे एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा पटना से प्राप्त की और फिर उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय आए। बाद में उन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की। पत्रकारिता करियर की शुरुआत: रवीश कुमार ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एनडीटीवी से की। वे शुरू में रिपोर्टर के रूप में काम करते थे और धीरे-धीरे एंकर बने। उनका शो "रवीश की रिपोर्ट", "प्राइम टाइम", "देश की बात", "हम लोग" जैसे कार्यक्रमों ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। उन्होंने ग्राउंड रिपोर्...

SHWETA SINGH [DAUGHTER OF BIHAR]

  श्वेता सिंह  परिचय: श्वेता सिंह भारत की जानी-मानी और प्रतिष्ठित टेलीविजन पत्रकार हैं। वे हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक की सीनियर एंकर और एग्जीक्यूटिव एडिटर (स्पेशल प्रोग्रामिंग) हैं। श्वेता अपनी दमदार आवाज़, आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। वे विशेष रूप से खेल पत्रकारिता और स्पेशल रिपोर्टिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: श्वेता सिंह का जन्म 21 अगस्त 1977 को पाटना, बिहार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना से ही प्राप्त की और फिर स्नातक की पढ़ाई पटना यूनिवर्सिटी से की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता में दिलचस्पी लेनी शुरू की और लेखन कार्य प्रारंभ किया। पत्रकारिता करियर की शुरुआत: श्वेता सिंह ने पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। उन्होंने पहले कई पत्रिकाओं और अखबारों के लिए काम किया। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की ओर रुख किया और 1998 में टेलीविजन पत्रकारिता में कदम रखा। उन्होंने ज़ी न्यूज़, सहारा, एनडीटीवी जैसे प्रमुख चैनलों के साथ काम किया और 2002 में आज तक से जुड़ गईं। ...

ANJANA OM KASHYAP [DAUGHTER OF BIHAR]

  अंजना ओम कश्यप  परिचय: अंजना ओम कश्यप भारत की एक प्रमुख और लोकप्रिय टेलीविजन पत्रकार हैं। वे हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक की सीनियर एंकर और एडिटर हैं। अंजना अपनी तेज-तर्रार बहसों, तीखे सवालों और बेबाक अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं। वे हिंदी पत्रकारिता में एक प्रभावशाली महिला चेहरा मानी जाती हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: अंजना ओम कश्यप का जन्म 12 जून 1975 को रांची, झारखंड (तत्कालीन बिहार) में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना में डॉक्टर थे। अंजना ने अपनी स्कूली शिक्षा रांची से की। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से की और उसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा किया। पत्रकारिता करियर की शुरुआत: अंजना ने अपने करियर की शुरुआत 2003 में की। सबसे पहले उन्होंने ज़ी न्यूज़ के साथ काम किया, इसके बाद वे न्यूज़ 24 और फिर स्टार न्यूज़ में भी रहीं। 2007 में उन्होंने 'आज तक' न्यूज़ चैनल जॉइन किया, और यहीं से उन्हें असली लोकप्रियता मिली। उनका शो 'हल्ला बोल' और 'राजतिलक' जैसे डिबेट...

MAITHILI THAKUR [DAUGHTER OF BIHAR]

  मैथिली ठाकुर  परिचय: मैथिली ठाकुर भारत की एक प्रसिद्ध युवा लोकगायिका हैं, जिन्होंने पारंपरिक भारतीय संगीत, विशेषकर भोजपुरी, मैथिली, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के लोकगीतों को नई पहचान दी है। वह अपनी सुरीली आवाज, शास्त्रीय प्रशिक्षण और लोकसंस्कृति से जुड़ी प्रस्तुति के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर उनके लाखों चाहने वाले हैं। प्रारंभिक जीवन: मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बेगूसराय, बिहार में हुआ था। उनके पिता रमेश ठाकुर एक संगीत शिक्षक हैं और माता का नाम भावना ठाकुर है। उनका नाम "मैथिली" उनकी मातृभाषा मैथिली भाषा के सम्मान में रखा गया। बचपन से ही संगीत का माहौल घर में था। उनके पिता ने उन्हें और उनके भाइयों को शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी। उन्होंने बहुत कम उम्र में मंच पर गायन शुरू कर दिया था। शिक्षा और संगीत प्रशिक्षण: मैथिली की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई, जहाँ उनका परिवार शिफ्ट हो गया था। उन्होंने गांधर्व महाविद्यालय , नई दिल्ली से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। वे ख्याल, ठुमरी, दादरा, भजन, लोकगीत और सूफी संगीत में ...

ANIL AGRAWAL [SON OF BIHAR]

  अनिल अग्रवाल  परिचय: अनिल अग्रवाल एक प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति और वेदांता समूह (Vedanta Group) के संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं। उन्होंने भारतीय खनन उद्योग को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और साहसिक निर्णयों के लिए वे जाने जाते हैं। वे देश-विदेश में भारत की औद्योगिक छवि को मजबूत करने वाले प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक हैं। प्रारंभिक जीवन: अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना, बिहार में एक साधारण मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उनके पिता तांबे की छोटी दुकान चलाते थे। अग्रवाल की प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई, लेकिन वे उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता चले गए। मात्र 19 वर्ष की उम्र में वे मुंबई आ गए , जहां से उन्होंने अपने कारोबारी सफर की शुरुआत की। व्यवसायिक यात्रा: मुंबई में उन्होंने सबसे पहले स्क्रैप मेटल (लोहे-तांबे की कबाड़ सामग्री) का व्यापार शुरू किया। 1976 में उन्होंने शमशेर स्टर्लिंग कॉरपोरेशन नाम की कंपनी स्थापित की। इसके बाद 1986 में उन्होंने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की स्थापना की, जो अब वेदांता समूह का हिस्सा है। 1990 के दशक में उन...

BHOJPURI

  भोजपुरी भाषा  परिचय: भोजपुरी भारत की एक प्रमुख क्षेत्रीय भाषा है, जो न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई देशों में बोली जाती है। यह भाषा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और उत्तर-पश्चिम झारखंड में मुख्य रूप से बोली जाती है। भोजपुरी की मिठास, सजीवता और सांस्कृतिक विविधता इसे एक विशेष पहचान देती है। भौगोलिक विस्तार: भोजपुरी भाषा मुख्यतः उत्तर प्रदेश के बनारस, गाज़ीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, गोरखपुर , और बिहार के बक्सर, भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज जिलों में बोली जाती है। इसके अलावा झारखंड के कुछ हिस्सों में भी इसका चलन है। दुनिया के कई देशों जैसे मॉरीशस, फिजी, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो में भी प्रवासी भारतीयों द्वारा भोजपुरी बोली जाती है। भाषिक परिवार और विशेषताएँ: भोजपुरी हिंदी-आर्य भाषा परिवार की एक महत्वपूर्ण भाषा है। यह अपने आप में एक पूर्ण भाषा है, जिसमें स्वयं का व्याकरण, शब्दकोश और साहित्य है। भोजपुरी में लोक शैली की स्पष्ट छाप देखने को मिलती है। इसमें "हम" का प्रयोग 'मैं' के लिए , और "बानी", "बाड़ा", "हउआ...

MAITHILI BOLI

  मैथिली भाषा –  परिचय: मैथिली भारत की एक समृद्ध, प्राचीन और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भाषा है। यह भाषा मुख्य रूप से बिहार के मिथिला क्षेत्र में बोली जाती है और इसकी जड़ें वैदिक काल से जुड़ी हुई हैं। मैथिली भाषा न केवल एक बोली है, बल्कि यह मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है। भौगोलिक विस्तार: मैथिली भाषा का मुख्य क्षेत्र बिहार का मिथिला क्षेत्र है, जिसमें दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया जैसे जिले आते हैं। इसके अतिरिक्त यह झारखंड के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में भी बोली जाती है। भाषिक परिवार और विकास: मैथिली भाषा हिंदी-आर्य भाषा परिवार की एक प्रमुख भाषा है। इसका विकास संस्कृत और पालि से हुआ है और इसका संबंध मागधी और वैदिक प्राकृत से भी माना जाता है। मैथिली भाषा की विशेषता यह है कि यह भाषाई दृष्टिकोण से पूर्णतः परिपक्व है, जिसमें अपना व्याकरण, ध्वन्यात्मकता और शब्दकोश है। मैथिली में प्राचीन काल से ही तिरहुत लिपि (जिसे मिथिलाक्षर भी कहा जाता है) का प्रयोग होता आया है, ले...

VAJJIKA BOLI

  वज्जिका बोली  परिचय: वज्जिका बोली (Vajjika Boli) बिहार की एक प्रमुख और प्राचीन बोली है, जिसे कभी-कभी तिरहुतिया भी कहा जाता है। यह बोली भारत की ऐतिहासिक वज्जि महासंघ की भूमि पर बोली जाती है, जो गणराज्य परंपरा का आदिकालीन केंद्र था। वज्जिका बोली मैथिली की एक उपभाषा मानी जाती है, किंतु इसकी अपनी विशिष्ट पहचान, ध्वनियाँ, शब्दावली और व्याकरणिक शैली है। भौगोलिक विस्तार: वज्जिका मुख्यतः बिहार के मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, शिवहर और चंपारण जिलों में बोली जाती है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में उत्तर-पश्चिम मिथिला का हिस्सा माने जाने वाले जिलों में भी यह बोली जाती है। भारत के अलावा नेपाल के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी वज्जिका बोलने वालों की उपस्थिति है। भाषिक परिवार और संबंध: वज्जिका भाषा हिंदी-आर्य भाषा परिवार से संबंध रखती है। इसे अक्सर मैथिली की उपबोली माना जाता है, परन्तु कई भाषाविद इसे स्वतंत्र भाषा मानने की भी वकालत करते हैं। यह बोली मैथिली, भोजपुरी और मगही के संगम क्षेत्र में स्थित है, इसलिए इसमें तीनों भाषाओं की झलक मिलती है। भाषिक विशेषताएँ...

ANGIKA BOLI

  अंगिका बोली –  परिचय: अंगिका बोली (Angika Boli) भारत की एक समृद्ध और प्राचीन बोली है, जो मुख्यतः बिहार के अंग क्षेत्र , झारखंड और बंगाल के कुछ हिस्सों में बोली जाती है। अंगिका को अंग देश की भाषा माना जाता है, जो महाभारत काल में एक स्वतंत्र जनपद था। यह भाषा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। भौगोलिक विस्तार: अंगिका मुख्य रूप से बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई और खगड़िया जिलों में बोली जाती है। इसके अलावा झारखंड के दुमका, देवघर, गोड्डा, साहेबगंज आदि क्षेत्रों में भी इसका व्यापक प्रयोग होता है। पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी अंगिका बोली जाती है। भाषिक परिवार: अंगिका हिंदी-आर्य भाषा परिवार की एक उपभाषा है। यह मैथिली, भोजपुरी और मगही की तरह एक स्वतंत्र पहचान रखती है। भाषावैज्ञानिकों के अनुसार, अंगिका की उत्पत्ति मागधी प्राकृत से हुई है। भाषिक विशेषताएँ: अंगिका भाषा में मिठास, कोमलता और लयात्मकता होती है। इसमें "हम" का प्रयोग "मैं" के लिए होता है, जैसे मगही में। प्रश्नवाचक शब्...

MAGAHI BOLI

  मगही बोली  परिचय: मगही बोली (Magahi Boli) भारत की एक प्रमुख क्षेत्रीय बोली है, जो मुख्यतः बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में बोली जाती है। यह पूर्वी भारत की एक समृद्ध बोली है, जिसका इतिहास, साहित्य और संस्कृति से गहरा संबंध रहा है। मगही को पहले मगधी के नाम से जाना जाता था, जो प्राचीन मगध राज्य की भाषा थी। भौगोलिक विस्तार: मगही मुख्य रूप से बिहार के गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, पटना और nalanda जिलों में बोली जाती है। इसके अलावा यह झारखंड के हज़ारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह आदि क्षेत्रों में भी प्रचलित है। पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी इसकी उपस्थिति देखी जाती है। भाषाई परिवार: मगही भाषा हिंदी-आर्य भाषा परिवार की एक उपभाषा मानी जाती है। यह हिंदी, मैथिली और भोजपुरी जैसी भाषाओं की बहन बोली है। इसकी उत्पत्ति प्राकृत और पालि भाषाओं से हुई मानी जाती है, विशेषकर मागधी प्राकृत से। भाषिक विशेषताएँ: मगही में कृदंत और तद्धित प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। यह बोली अपने में सरलता, लय और मिठास समेटे हुए है। इसमें "हम" शब्द का प्रयो...